ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज होती जा रही है। इस बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने ऐसे संकेत दिए हैं, जिन्हें बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के लिए नई चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। लखनऊ में पार्टी की कार्यकारिणी बैठक के बाद चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों में संगठन का विस्तार करना है। उन्होंने कहा कि LJP (रामविलास) समावेशी राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और अनुसूचित जाति समाज की मजबूत आवाज बनने का प्रयास करेगी।
मायावती की सक्रियता पर उठाए सवाल
चिराग पासवान ने बसपा प्रमुख मायावती का नाम लेते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक सक्रियता पहले जैसी नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि इसी कारण उनकी पार्टी अनुसूचित जाति समाज के मुद्दों को और मजबूती से उठाने का काम करेगी। उनके इस बयान को उत्तर प्रदेश की दलित राजनीति में बसपा के लिए एक नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। पहले से ही आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद दलित वोट बैंक में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। अब चिराग पासवान की सक्रियता ने राजनीतिक मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
सपा और कांग्रेस पर भी साधा निशाना
चिराग पासवान ने केवल बसपा ही नहीं, बल्कि विपक्षी गठबंधन INDIA पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस उनकी पार्टी के प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दलों की राजनीति अराजकता को बढ़ावा देती है और उनकी पार्टी जनता के सामने इन मुद्दों को मजबूती से उठाएगी।
403 सीटों पर संगठन मजबूत करने की तैयारी
चिराग पासवान ने बताया कि उनकी पार्टी 'नव संकल्प सभा' अभियान के जरिए उत्तर प्रदेश में संगठन का विस्तार कर रही है। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान का सकारात्मक असर बिहार में देखने को मिला था और अब यूपी सहित अन्य राज्यों में भी इसे आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठन मजबूत करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, चुनावी गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला पार्टी की केंद्रीय समिति करेगी।
आरक्षण पर अफवाहों से सावधान रहने की अपील
आरक्षण को लेकर चल रही चर्चाओं पर चिराग पासवान ने कहा कि समाज में भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यदि समाज का कोई भी वर्ग अन्याय या उत्पीड़न का शिकार होता है, तो LJP (रामविलास) उसके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि जो दल संविधान की रक्षा की बात करते हैं, वही बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का सम्मान करने में विफल रहे हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर क्या बोले?
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर चिराग पासवान ने कहा कि यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि इस घटना से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसके पास भी तथ्य या सबूत हैं, उन्हें जांच एजेंसी के सामने पेश करना चाहिए, लेकिन केवल राजनीतिक लाभ के लिए आरोप-प्रत्यारोप करना उचित नहीं है।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले चिराग पासवान ने दलित राजनीति में अपनी पार्टी की सक्रिय भूमिका का स्पष्ट संकेत दिया है। मायावती की सक्रियता पर सवाल उठाने, अनुसूचित जाति समाज की आवाज बनने का दावा करने और 403 सीटों पर संगठन मजबूत करने की घोषणा से यह साफ है कि आने वाले चुनाव में बसपा के सामने राजनीतिक मुकाबला और कठिन हो सकता है।
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